क्या आपका स्मार्टफोन देश का भविष्य बदल सकता है?

सिटीजन जर्नलिज्म एकेडमी के साथ ‘सचेत नागरिकता’ का उदय

क्या आपने कभी अपने आसपास की समस्याओं, जैसे जर्जर बुनियादी ढांचा, जल संकट या किसी सरकारी योजना के निष्प्रभावी क्रियान्वयन को देखकर एक गहरी लाचारी महसूस की है? हम अक्सर बदलाव की प्रतीक्षा करते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि लोकतंत्र में बदलाव की सबसे बड़ी शक्ति स्वयं ‘नागरिक’ है। मकर संक्रांति के इस पावन पर्व पर, जब सूर्य उत्तरायण की ओर बढ़ते हुए अंधकार से प्रकाश की यात्रा शुरू करता है, सिटीजन जर्नलिज्म एकेडमी (CJA) भी ‘सचेत नागरिकता’ (Conscious Citizenship) के एक नए युग का सूत्रपात कर रही है। यह केवल एक कोर्स नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण की एक ऐसी लहर है जो आपको लाचार दर्शक से सशक्त ‘बदलाव के वास्तुकार’ में बदलने का सामर्थ्य रखती है।

यहाँ CJA के वे पाँच प्रमुख स्तंभ हैं जो पत्रकारिता और नागरिक सहभागिता की परिभाषा को पुनर्गठित कर रहे हैं:

1. पीढ़ियों का महासंगम: जब युवा ऊर्जा और बुजुर्गों का अनुभव मिलते हैं

CJA ने एक ऐसा ‘ज्ञान का सेतु (Mentorship Bridge) तैयार किया है जहाँ 18-30 वर्ष के ऊर्जावान युवाओं का डिजिटल कौशल और 50+ वर्ष के अनुभवी पेशेवरों की परिपक्वता एक साथ आती है। वरिष्ठ नागरिकों के पास जीवन भर का गहरा अनुभव और संस्थागत समझ होती है, जबकि युवाओं के पास आधुनिक तकनीक और उद्देश्यपूर्ण जोश। जब ये दोनों मिलते हैं, तो ज्ञान का एक ऐसा चक्र तैयार होता है जो समाज की समस्याओं को न केवल समझने, बल्कि उन्हें सुलझाने में भी सक्षम है। यह अंतर-पीढ़ीगत शिक्षण (Intergenerational Learning) ही हमारे सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाता है।

2. स्व-प्रथम नहीं, राष्ट्र-प्रथम: सुशासन के सारथी बनें, केवल आलोचक नहीं

अक्सर पत्रकारिता को केवल कमियां खोजने या विरोध करने के साधन के रूप में देखा जाता है, लेकिन CJA का दृष्टिकोण ‘काउंटर-इंट्यूटिव’ और सकारात्मक है। यह एकेडमी सिखाती है कि हम सरकार के विरोधी नहीं, बल्कि सुशासन (Good Governance) के सहयोगी हैं। हमारा लक्ष्य सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को दर्ज करना, सफलताओं को उजागर करना और जहाँ कमियां हैं, वहाँ रचनात्मक संवाद के माध्यम से उन्हें भरना है।

“CJA का मूल दर्शन ‘स्व-प्रथम नहीं, राष्ट्र-प्रथम’ (#NationFirst) है। यह सहयोगात्मक समस्या समाधान का एक ऐसा मंच है जहाँ नागरिक सक्रिय सहभागिता के माध्यम से देश की प्रगति में भागीदार बनते हैं।”

3. हाइपरलोकल रिपोर्टिंग: आपकी गली से शुरू होने वाली राष्ट्रीय क्रांति

राष्ट्र का विकास केवल महानगरों की चमचमाती सड़कों से नहीं, बल्कि आपके गांव, ब्लॉक और शहर की गलियों से तय होता है। CJA आपको हाइपरलोकल रिपोर्टिंग की शक्ति से लैस करता है। जब एक सचेत नागरिक अपने स्थानीय मुद्दों को साक्ष्यों के साथ उठाता है, तो उसका एक ‘रिपल इफेक्ट(Ripple Effect) पैदा होता है: व्यक्तिगत विकास → सामुदायिक सशक्तिकरण → राज्य की प्रगति → और अंततः राष्ट्रीय रूपांतरण। आपकी आवाज में वह दम है कि वह स्थानीय समस्याओं को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बना सके।

4. LPI पद्धति: सिर्फ ज्ञान नहीं, धरातल पर वास्तविक प्रभाव

CJA का 8 सप्ताह का मास्टर कोर्स पारंपरिक किताबी शिक्षा से परे है। यह ‘लर्न-प्रैक्टिस-इम्पैक्ट’ (LPI) पद्धति पर आधारित है। यहाँ आप केवल डिजिटल स्टोरीटेलिंग ही नहीं सीखते, बल्कि डिजिटल युग में तथ्यों की जाँच (Fact-checking), डेटा-आधारित प्रभाव मूल्यांकन और सूचना का अधिकार (RTI) जैसे सशक्त उपकरणों का व्यावहारिक उपयोग भी सीखते हैं। शुरुआती दो हफ्तों के वैचारिक शिक्षण के बाद, अगले छह हफ्ते में आपको फील्ड वर्क और मेंटर्ड असाइनमेंट्स के माध्यम से वास्तविक सामुदायिक समस्याओं पर काम करना होता है, ताकि आपका सीखना केवल ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि समाज पर प्रभाव डाले।

5. समावेशी पत्रकारिता: कहानियाँ उनके बारे में नहीं, ‘उनके द्वारा’ कही जाएँ

CJA का मानना है कि हाशिए पर खड़े समुदायों की समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब उनकी कहानियाँ किसी बाहरी व्यक्ति के नजरिए से नहीं, बल्कि स्वयं उनके द्वारा कही जाएँ। ‘इनक्लूजन बाय डिज़ाइन’ के माध्यम से, यह एकेडमी वंचित पृष्ठभूमि के पेशेवरों को एक मंच प्रदान करती है। इस सशक्तिकरण को सुलभ बनाने के लिए, CJA छात्रवृत्ति (Scholarships) का प्रावधान भी रखता है, ताकि आर्थिक बाधाएं किसी भी प्रतिभाशाली नागरिक को राष्ट्र-निर्माण की इस यात्रा से न रोक सकें।


नामांकन प्रक्रिया: कोहोर्ट 1 (Cohort 1) का हिस्सा कैसे बनें?

CJA एक गंभीर और चयन-आधारित कार्यक्रम है। यदि आप भी इस आंदोलन से जुड़ना चाहते हैं, तो प्रक्रिया इस प्रकार है:

1. आवेदन जमा करें: ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से अपनी पृष्ठभूमि और अपनी रुचि के सामाजिक विषय साझा करें।

2. वीडियो परिचय: एक 2-मिनट का वीडियो साझा करें जिसमें आप बताएं कि आप अपने समुदाय में क्या बदलाव देखना चाहते हैं।

3. चयन: विविधता और समर्पण के आधार पर प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।

महत्वपूर्ण तिथियां और निवेश: * tentative plan

आवेदन की अंतिम तिथि: 18 फरवरी, 2026

अर्ली बर्ड ऑफर (Early Bird): ₹5,500 (31 जनवरी, 2026 तक पंजीकरण पर)

मानक शुल्क (Standard Fee): ₹9,500 (8 सप्ताह का पूर्ण कार्यक्रम)

कार्यक्रम का शुभारंभ: 28 फरवरी, 2026


निष्कर्ष: क्या आप केवल एक दर्शक बने रहेंगे?
मकर संक्रांति का यह समय उत्तरायण की ओर बढ़ने का है यानी प्रकाश और प्रगति की ओर। आज जब हमारा देश एक नई ऊँचाई की ओर अग्रसर है, तो प्रश्न यह नहीं है कि बदलाव कब आएगा, प्रश्न यह है कि उस बदलाव में आपकी क्या भूमिका होगी? क्या आप केवल खबरों को पढ़ने वाले एक निष्क्रिय उपभोक्ता बने रहेंगे, या आप एक ‘सचेत नागरिक’ बनकर अपनी आवाज से राष्ट्र का भविष्य लिखेंगे?

समय आ गया है अपनी लाचारी को जिम्मेदारी में बदलने का। आइए, सिटीजन जर्नलिज्म एकेडमी के साथ मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करें जहाँ हर नागरिक की आवाज देश की उन्नति का आधार बने।

आज ही आवेदन करें। कल का नेतृत्व करें।

More From Author

कैपस्टोन प्रोजेक्ट के दौरान वरिष्ठ नागरिक किस तरह की मदद करते हैं?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *