सिटिजन जर्नलिज्म एकेडमी (CJA) | नागरिक पत्रकारिता अकादमी एक नई शैक्षिक पहल का विवरण देता है, जो नागरिकों को सामाजिक परिवर्तन के सक्रिय माध्यम के रूप में विकसित करती है। यह कार्यक्रम युवाओं, पेशेवरों और वरिष्ठ नागरिकों को पत्रकारिता के कौशल, नैतिक रिपोर्टिंग और शासन की समझ प्रदान कर राष्ट्र निर्माण से जोड़ता है। आठ सप्ताह के फाउंडेशन कोर्स के माध्यम से, प्रतिभागी स्मार्टफोन और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके स्थानीय समस्याओं को उजागर करना और सामुदायिक विकास में योगदान देना सीखते हैं। इस अकादमी का मुख्य उद्देश्य ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ एक ऐसा नेटवर्क तैयार करना है, जहाँ अनुभवी लोग और उत्साही युवा मिलकर सरकारी योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच की दूरी को कम कर सकें।
यह पहल फरवरी 2026 से शुरू हो रही है, जिसमें कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ मेंटरशिप और प्रमाणन की सुविधा भी शामिल है।
नागरिक पत्रकारिता अकादमी किस प्रकार व्यक्तिगत विकास को राष्ट्रीय प्रगति से जोड़ती है?
नागरिक पत्रकारिता अकादमी (Citizen Journalism Academy – CJA) एक ‘रिपल इफेक्ट’ (Ripple Effect) के सिद्धांत पर काम करती है, जो व्यक्तिगत विकास को राष्ट्र निर्माण की व्यापक प्रक्रिया से जोड़ता है:
व्यक्तिगत विकास → सामुदायिक विकास → राज्य की प्रगति → राष्ट्रीय परिवर्तन।
अकादमी निम्नलिखित तरीकों से व्यक्तिगत विकास को राष्ट्रीय प्रगति से जोड़ती है:
• सचेत नागरिकता और उद्देश्य की खोज: CJA नागरिकों को केवल एक दर्शक के बजाय एक सक्रिय ‘परिवर्तन-कर्ता’ (change-maker) बनने के लिए प्रेरित करता है। यह युवाओं को अपनी आवाज़ और उद्देश्य खोजने में मदद करता है, जबकि सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिकों को अपने अनुभव और ज्ञान को अगली पीढ़ी के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
• कौशल निर्माण के माध्यम से सशक्तिकरण: अकादमी प्रतिभागियों को खोजी पत्रकारिता, नैतिक रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और डेटा-संचालित प्रभाव मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण कौशलों से लैस करती है। जब व्यक्ति इन कौशलों को सीखता है, तो वह अपने स्थानीय समुदाय की समस्याओं को समझने और उन्हें हल करने में सक्षम होता है, जो अंततः राष्ट्रीय विकास में योगदान देता है।
• सुशासन और नीति साक्षरता: पाठ्यक्रम के माध्यम से, नागरिकों को शासन संरचनाओं, सरकारी योजनाओं और आरटीआई (सूचना का अधिकार) जैसे पारदर्शी तंत्रों की गहरी समझ दी जाती है। यह व्यक्तियों को सरकार और नागरिकों के बीच की खाई को पाटने और सुशासन में सहयोग करने के योग्य बनाता है।
• #NationFirst (राष्ट्र प्रथम) का दर्शन: CJA ‘स्वयं-प्रथम’ के बजाय ‘राष्ट्र-प्रथम’ के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। यह ‘सेवक नेतृत्व’ (servant leadership) विकसित करता है, जहाँ लोग व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर सामूहिक प्रगति के लिए प्रतिबद्ध होते हैं।
• सामुदायिक नेतृत्व से राष्ट्रीय प्रभाव: प्रतिभागी अपनी गलियों, गांवों या मोहल्लों से शुरुआत करते हैं और धीरे-धीरे इन चर्चाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाते हैं। यह नेटवर्क गांवों और शहरों में फैला होता है, जो सुशासन का समर्थन करने और राष्ट्रीय प्रगति के साझा मिशन को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करता है।
संक्षेप में, अकादमी व्यक्ति की क्षमता को उजागर करके और उसे सचेत नागरिकता की ओर ले जाकर एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाती है जहाँ हर नागरिक का व्यक्तिगत सुधार और क्रियाशीलता सीधे राष्ट्र की समृद्धि और प्रगति में परिवर्तित होती है।
अकादमी का ‘नियम 1: राष्ट्र प्रथम’ दर्शन कैसे कार्य करता है?
नागरिक पत्रकारिता अकादमी (CJA) का ‘#NationFirst’ (राष्ट्र प्रथम) दर्शन व्यक्तिगत हितों के ऊपर सामूहिक और राष्ट्रीय उन्नति को प्राथमिकता देने पर आधारित है। यह दर्शन मुख्य रूप से निम्नलिखित सिद्धांतों के माध्यम से कार्य करता है:
• सेवक नेतृत्व (Servant Leadership): यह दर्शन ‘स्वयं-प्रथम’ (Self-First) की मानसिकता को ‘सेवक नेतृत्व’ में बदलने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को तैयार करना है जो व्यक्तिगत लाभ के बजाय सामूहिक प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हों।
• सक्रिय नागरिकता बनाम निष्क्रियता: अकादमी नागरिकों को केवल दर्शक (spectator) बने रहने के बजाय सक्रिय ‘परिवर्तन-कर्ता’ (change-maker) बनने के लिए प्रेरित करती है। यह दर्शन उन लोगों को जोड़ता है जो ‘निष्क्रिय उपभोग’ के स्थान पर सक्रिय नागरिकता में विश्वास रखते हैं।
• सुशासन का समर्थन: ‘#NationFirst’ का दृष्टिकोण सरकार का विरोध करने के बजाय सरकारी मशीनरी के साथ साझेदारी करने पर जोर देता है। यह सफलताओं का दस्तावेजीकरण करके, कमियों की पहचान करके और नागरिकों एवं सरकार के बीच संवाद की सुविधा प्रदान करके सुशासन (Good Governance) का समर्थन करता है।
• हाइपरलोकल से राष्ट्रीय प्रभाव: यह दर्शन इस विचार पर कार्य करता है कि राष्ट्रीय परिवर्तन की शुरुआत स्थानीय स्तर से होती है। नागरिक अपनी गली, गांव या मोहल्ले से सुधार की शुरुआत करते हैं, जिसे बाद में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की चर्चाओं तक ले जाया जाता है।
• रिपल इफेक्ट (Ripple Effect): अकादमी का दर्शन एक ‘रिपल इफेक्ट’ पैदा करता है, जहाँ व्यक्तिगत विकास अंततः सामुदायिक विकास और राज्य की प्रगति के माध्यम से राष्ट्रीय रूपांतरण में बदल जाता है।
संक्षेप में, यह दर्शन नागरिकों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सशक्त बनाता है, जिससे हर नागरिक का योगदान देश के व्यापक भविष्य के साथ जुड़ सके।
अकादमी ‘सेवक नेतृत्व’ के गुण कैसे विकसित करती है?
नागरिक पत्रकारिता अकादमी (CJA) ‘सेवक नेतृत्व’ (Servant Leadership) के गुणों को विकसित करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाती है, जो व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को सामूहिक कल्याण में बदलने पर केंद्रित है।
अकादमी निम्नलिखित तरीकों से इन गुणों को विकसित करती है:
• ‘राष्ट्र प्रथम’ (#NationFirst) का दर्शन: अकादमी का मूल मंत्र ‘स्वयं-प्रथम’ (Self-First) की मानसिकता को बदलकर सामूहिक प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता पैदा करना है। यह नागरिकों को सिखाता है कि व्यक्तिगत लाभ के बजाय राष्ट्र और समाज का हित सर्वोपरि होना चाहिए।
• सक्रिय नागरिकता का बोध: CJA नागरिकों को ‘निष्क्रिय उपभोक्ता’ या ‘दर्शक’ के बजाय ‘परिवर्तन-कर्ता’ (change-maker) के रूप में स्वयं को देखने के लिए प्रेरित करता है। यह जिम्मेदारी की भावना पैदा करता है, जो सेवक नेतृत्व का एक मुख्य गुण है।
• अंतर-पीढ़ीगत शिक्षण (Intergenerational Learning): अकादमी युवाओं की ऊर्जा और वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव को एक साथ लाती है। वरिष्ठ नागरिक अपनी जीवन भर की बुद्धिमत्ता को अगली पीढ़ी के साथ साझा करते हैं, जिससे परामर्श (mentorship) और एक-दूसरे के सहयोग की संस्कृति विकसित होती है।
• सुशासन के साथ साझेदारी: सेवक नेतृत्व के तहत, अकादमी सरकार का केवल विरोध करने के बजाय सरकारी तंत्र के साथ भागीदारी करने पर जोर देती है। इसमें सफलताओं का दस्तावेजीकरण करना, कमियों की पहचान करना और नागरिकों व सरकार के बीच संवाद को सुगम बनाना शामिल है।
• क्रिया-उन्मुख शिक्षा (Action-Oriented Education): अकादमी का ‘सीखें-अभ्यास करें-प्रभाव डालें’ (Learn-Practice-Impact) मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि ज्ञान केवल कागजों तक सीमित न रहे। प्रतिभागी अपनी गली, गांव या मोहल्ले की समस्याओं को हल करने के लिए व्यावहारिक कदम उठाते हैं, जिससे उनमें सेवा भाव विकसित होता है।
• नैतिक और उत्तरदायी रिपोर्टिंग: प्रशिक्षण के दौरान खोजी पत्रकारिता के साथ-साथ नैतिक रिपोर्टिंग ढांचे और जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया जाता है, जिससे प्रतिभागी सत्यनिष्ठा के साथ समाज की सेवा कर सकें।
संक्षेप में, अकादमी एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाती है जहाँ व्यक्ति अपने कौशल और आवाज का उपयोग स्वयं के उत्थान के बजाय समुदाय के उत्थान के लिए करना सीखता है, जो सेवक नेतृत्व का मूल आधार है।
अकादमी में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव का उपयोग कैसे किया जाता है?
नागरिक पत्रकारिता अकादमी (CJA) में वरिष्ठ नागरिकों (50+ वर्ष) के अनुभव और ज्ञान को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एक अमूल्य संसाधन के रूप में देखा जाता है। उनके अनुभव का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है:
• मेंटरशिप और ज्ञान साझा करना: सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक अपने जीवन भर के अनुभवों को मेंटरशिप (परामर्श) और बुद्धिमत्ता साझा करने के माध्यम से अगली पीढ़ी तक पहुँचाते हैं,। अकादमी ‘अंतर-पीढ़ीगत शिक्षण’ (Intergenerational Learning) को बढ़ावा देती है, जहाँ युवाओं की ऊर्जा और वरिष्ठों के अनुभव के बीच एक सेतु (bridge) बनाया जाता है।
• संस्थागत ज्ञान का दस्तावेजीकरण: अनुभवी पेशेवर और सामुदायिक बुजुर्ग अपनी विशेषज्ञता और समय का उपयोग संस्थागत ज्ञान (institutional knowledge) को दस्तावेजीकृत करने के लिए करते हैं, जिससे भविष्य की पीढ़ियों को उनके अनुभवों से सीखने में मदद मिलती है।
• नेटवर्क का उपयोग: वरिष्ठ नागरिक अपने जीवनकाल में बनाए गए व्यावसायिक और सामाजिक नेटवर्क का उपयोग अगली पीढ़ी के पेशेवरों को मार्ग दिखाने और सामुदायिक प्रभाव पैदा करने के लिए करते हैं।
• परामर्शदाता और सलाहकार की भूमिका: अकादमी के सलाहकार बोर्ड और मेंटर पैनल में दिग्गज पत्रकार, सेवानिवृत्त सिविल सेवक और नीति निर्माता शामिल हैं,। ये विशेषज्ञ प्रतिभागियों को उनके ‘कैपस्टोन प्रोजेक्ट्स’ और फील्ड वर्क के दौरान व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं,।
• सक्रिय सहभागिता: वरिष्ठ नागरिकों को केवल मार्गदर्शक के रूप में ही नहीं, बल्कि सचेत नागरिकों के रूप में भी अकादमी में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है,। वे अकादमी के माध्यम से समाज को वापस देने (give back) के अपने उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं।
इस प्रकार, अकादमी वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव को एक साझा राष्ट्रीय संपत्ति में बदल देती है, जिससे न केवल युवाओं को सही दिशा मिलती है बल्कि बुजुर्गों को भी समाज में सक्रिय और सार्थक योगदान देने का अवसर मिलता है।